*अजमेर के पत्रकारों-साहित्यकारों की लेखन विधाएं*
*भाग बारह*
*डॉ. लाल थदानी*
पेशे से डॉक्टर ,(एम.डी,पीएसएम) और पब्लिक हेल्थ मैनेजर हैं । वे 7 जुलाई 2000 से 31 दिसंबर 2003 तक राजस्थान सिंधी अकादमी के अध्यक्ष रहे हैं । डॉ. लाल थदानी अजमेर एक अरसे से सामाजिक , सांस्कृतिक, और स्वास्थ्य क्षेत्रों में प्रशासनिक गतिविधियों में सर्वाधिक सक्रिय लोगों में शुमार किए जाते हैं। वे भूतपूर्व राजस्व मंत्री स्वर्गीय श्री किशन मोटवानी के बेहद करीबी रहे और प्रमुख समाजसेवी होने के नाते अजमेर पश्चिम फिर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से और जयपुर सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से
कांग्रेस टिकट के प्रबल दावेदारों में भी शामिल रहे हैं । डॉ लाल थदानी
समाजसेवा के क्षेत्र में वे अनेक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं, मगर सिंधु सत्कार समिति एवं संदेश संस्था के संस्थापक अध्यक्ष रहते हुए अनेकानेक समाजोपयोगी उत्प्रेरक गतिविधियां संचालित की हैं।
चिकित्सा और समाज सेवा क्षेत्र में
वे सन् 1998 में राष्ट्रीय स्तर पर विजयश्री अवार्ड और सन् 2001 में रेड एंड व्हाइट बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित किए जा चुके हैं। सन् 1998 में बेस्ट सिटीजन ऑफ इंडिया, मदर टेरेसा अवार्ड , सन् 1999 में राज्यपाल के हाथों सिंधी अकादमी पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं।
उन्हें लेखन में भी रुचि है। उनकी एक पुस्तक काश मैं कुछ कर पाता और एक गजल संग्रह अल्फ़ाज़_ दिल से
का प्रकाशन हो चुका है।
इसके अतिरिक्त पाक्षिक समाचार पत्र हेमू कालानी के कार्यकारी संपादक हैं। उनके द्वारा लिखित, निर्देशित दहेज आधारित नाटक टूटती रेखाएं और राजनीतिक व्यंग्य मूंगफली का छिलका को अखिल भारतीय स्तर पर युवा महोत्सव मौलाना आजाद और आल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट दिल्ली में प्रथम पुरस्कार मिल चुका है। डॉ लाल थदानी ने नशा मुक्ति , अंगदान , डेंगू , मलेरिया , टीकाकरण, प्लास्टिक दुरुपयोग , ओज़ोन का बचाव , एड्स, कुष्ठ रोग, दिव्यांग , हुक्का बार, कैंसर , वृक्षारोपण , रक्तदान, मानसिक अवसाद और डिप्रेशन , आत्महत्या , एसिड अटैक ,
महिला सशक्तिकरण आदि विषयों पर अनेक ब्लॉग्स लिखे हैं और अनेक लेख अख़बारों में प्रकाशित हुए है ।
वे उम्दा वक्ता और गायक भी हैं । डॉ लाल थदानी हिन्दी , सिन्धी और अंग्रेजी में जबरदस्त पकड़ और दखल रखते हैं ।
*श्री हरीश वर्यानी*
सिंधी भाषा के दैनिक समाचार पत्र हिंदू के अजमेर संस्करण के सम्पादक श्री हरीश वर्यानी अजमेर के पत्रकार जगत व देश के सिंधी साहित्य जगत में जाना पहचाना नाम है। सिंधी भाषा पर उनकी अच्छी पकड़ है। एक ओर जहां अरबी लिपि के जानकारों की संख्या लगातार कम होती जा रही है, उन्होंने सिंधी भाषा का दैनिक गत तकरीबन 37 साल से प्रकाशित-संपादित कर सिंधी भाषा व साहित्य के संरक्षण के लिए अविस्मरणीय काम किया है। इस योगदान के लिए वे साधुवाद के पात्र हैं। वे तीन बार राजस्थान सिंधी अकादमी के सदस्य रह चुके हैं। आकाशवाणी, जयपुर पर उनकी अनेक वार्ताएं प्रसारित हो चुकी हैं।
*जनाब नवाब हिदायत उल्ला*
जनाब नवाब हिदायत उल्ला का नाम यूं तो नई पीढ़ी के उभरते हुए पत्रकारों में शुमार है, मगर रिपोर्टिंग में सक्रियता के चलते जल्द ही स्थापित पत्रकारों में गिने जाने लगे हैं। वर्तमान में अजयमेरू प्रेस क्लब के महासचिव हैं। उन्होंने बी.ए. की डिग्री हासिल करने के बाद पत्रकारिता में कदम रखा और जयपुर की एक समाचार व फीचर एजेंसी से जुड़ गए। इसके अतिरिक्त दैनिक हुक्मनामा को भी अपनी सेवाएं दी। वर्तमान में स्वयं का पाक्षिक समाचार पत्र सलाम अजमेर प्रकाशित करते हैं। साथ ही पंजाब केसरी में भी संवाददाता के रूप में काम कर रहे हैं। विशेष रूप से दरगाह इलाके की रिपोर्टिंग में महारत हासिल की है।
*-तेजवानी गिरधर*
*7742067000*
https://ajmernama.com/nazariya/326079/









No comments:
Post a Comment