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सिंधी समाज की महिलाएं आज धूमधाम से मनाएंगी सिंधी पर्व टीजड़ी। डॉ दीपा/ डॉ लाल थदानी
अजमेर। सिंधी समाज की महिलाएं आज धूमधाम से सिंधी पर्व टीजड़ी पर्व मनाएंगी। जीवन साथी की लंबी उम्र की कामना लिए पूरे दिन निर्जल व्रत रखकर टीजड़ी माता की पूजा करने के बाद चंद्र दर्शन के साथ ही व्रत खोलेगी। दीपक हासानी के सरंक्षण में पूरे 40 दिन सिंधी बाहुल्य इलाको में भगवान झूलेलाल चालिहो उत्सव बड़ी श्रद्धा और धूमधाम के साथ 24 अगस्त को आनासागर चौपाटी पर पल्लव , प्रसादी भोजन और दीप प्रज्वलन के साथ सम्पन्न हुआ । आज का आयोजन सिन्धु सत्कार समिति से जुड़ी प्रमुख महिला सदस्यों ने अपने अपने क्षेत्रों में मेहंदी, झूला झूलने, होऊजी, सिन्धी गीतों का कार्यक्रम रखा है । श्रीमती वर्षा हासानी ने संत कंवरराम भवन में, डॉ दीपा थदानी , ममता थदानी और कृतिका नागरानी ने शास्त्रीनगर, लक्ष्मी आनन्द ने चौधरी कॉलोनी, निशा जसवानी ने हरि भाउ उपाध्याय, विमला नागरानी ने तोपदड़ा, सुषमा अभिचंदानी और पुष्पा कंजानी ने बलदेव नगर, पूनम सोनी ने भक्तिधाम, आशा इनामदार ने जनता कॉलोनी में कार्यक्रम रखा है ।
सिंधी समाज की महिलाओं के पर्व टीजड़ी में समाज की अविवाहित महिलाएं अच्छे जीवनसाथी और विवाहित महिलाएं अपने जीवनसाथी की लंबी उम्र के लिए पूरे दिन का निर्जल उपवास रखती है । इस त्यौहार में महिलाएं एक दिन पूर्व मेहंदी लगवाती है और व्रत के दिन सूर्योदय के पूर्व अल सुबह 3 बजे उठकर हल्का फुल्का अन्न ग्रहण (असुर) करती है । सिंधी बाहुल्य इलाको के मंदिरों में या पंडिताइन के निवास पर टीजड़ी माता पर जल चढ़ाकर और माता जी को झूला झुलाकर आराधना करती है। पूरे दिन निर्जल उपवास रखती है । इस पर्व को धूमधाम से मनाने के लिए अनेक महिला संगठनो द्वारा आयोजन किए जाते है। पूजा की थाली सजाकर टीजड़ी माता का सामूहिक पूजन में सम्मलित होती है और उसके बाद देर रात्रि में चांद दिखने पर चांद को अर्ग देकर और अपने जीवनसाथी को देखकर समाज की महिलाएं अपना व्रत तोड़ेगी
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