💥 सुप्रसिद्ध अधिवक्ता राम जेठमलानी का 95 साल की उम्र में निधन
सुप्रसिद्ध अधिवक्ता राम जेठमलानी
(सिंधी: رام جيٺملاڻي (जन्म : 14 सितम्बर 1923 - मृत्यु : 8 सितम्बर 2019) एक सुप्रसिद्ध भारतीय वकील और राजनीतिज्ञ , आज हमारे बीच नहीं रहे विश्वास करना मुश्किल है। हालांकि उन्होनें पूरी उम्र बिंदास गुजारी है । राम जेठमलानी लंबे समय से बीमार थे और 95 साल की उम्र में उनका निधन हो गया . उनका अंतिम संस्कार लोधी रोड श्मशान में किया गया.
6 ठी व 7 वीं लोक सभा में वे भारतीय जनता पार्टी से मुंबई से दो बार चुनाव जीते थे । बाद में अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में केन्द्रीय कानून मन्त्री व शहरी विकास मन्त्री रहे थे।
मशहूर वकील और पूर्व कानून मंत्री राम जेठमलानी के निधन पर राष्ट्रपति कोविंद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू सहित सत्ता , विपक्ष के प्रमुख नेताओं , देश विदेश की सिन्धी समाज के प्रमुख ओहदेदारों , राष्ट्रीय सिंधी समाज के राष्ट्रीय महासचिव और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रतिनिधि डॉ लाल थदानी ने राम जेठमलानी के निधन पर अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी है।
#रामजेठमलानी
ने न्यायालय और संसद दोनों में समृद्ध योगदान दिया है. वह मजाकिया, साहसी और कभी भी किसी भी विषय पर साहसपूर्वक बोलने से नहीं कतराते थे. वे असाधारण वकील थे और सिंधी समाज ने विशेष रूप से अपना हमदर्द प्रतिष्ठित सार्वजनिक व्यक्ति को खो दिया है । उन्हें कोटि कोटि प्रणाम और नमन ।
मेरी मुलाकात
सिन्धी काउंसिल ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अधिवेशन में श्री राम जेठमलानी ने सांसद के रूप में देशभर से आए 300 प्रमुख सिन्धी प्रतिनिधियों को अपने बंगले पर रात्रि भोज दिया था तब पहली बार मुझे उन्हें पहली बार देखने और सुनने का सौभाग्य मिला था । दोबारा जब जेठमलानी जी मुख्य अतिथि के रूप में
मेयो कॉलेज अजमेर वार्षिक कार्यक्रम 22 अक्टूबर 2017 में जब आए तो इंटरनेशनल फेडरेशन के अध्यक्ष श्री राम जाव्हारानी की सूचना पर मिलने गया । वे बोले डॉ तेरे बारे में सुना है । तुमसे आशाएं हैं । खुलकर समाज के लिए आ जाओ । दादा आपको लगता है जो मेहनत आपने, सुरेश केसवानी जी ने कि है समाज को लेकर वो कोई और कर पाएगा । तब उन्होंने खट्टे मीठे अनुभव भी सुनाए ।
Dada #RamJethmalani Former Union Law Minister & Present Rajya Sabha Member has passed away. Indeed a tragic loss to the nation esp. Sindhi Community.
I pay my heartfelt condolences to the departed soul.
His passing away is a great loss to our country because he was like an institution.
He was a great human being,
an internationally acclaimed Advocate, a very big and true defender of democracy and harbinger of world peace.
May His soul rest in peace ! Om Shanti !
#DrLalThadani
ExChairman
#RajSindhiAcademy
#Jaipur
जीवन यात्रा
*जेब में 1 पैसा डालकर सिन्ध कराची से भारत आए थे राम जेठमलानी
वकालत की दुनिया में कमाया नाम*
वह 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कानून मंत्री रहे. साथ ही उन्होंने कई हाई प्रोफाइल केस भी लड़े. वे कराची से जेब में एक पैसा डालकर भारत आए थे, इसके बाद उन्होंने यहां बड़े-बड़े केस लड़कर वकालत में नाम कमाया।
1. राम जेठमलानी का जन्म 14 सितंबर, 1923 को तत्कालीन बॉम्बे प्रेसीडेंसी के शिकारपुर (अब पाकिस्तान का हिस्सा) में हुआ था।
2. राम जेठमलानी ने 17 साल की उम्र में एलएलबी की डिग्री हासिल की. वह विशेष स्थिति में 18 साल की उम्र में वकील बने थे. जबकि वकील बनने की न्यूनतम उम्र 21 थी. उन्होंने बाद में बॉम्बे यूनिवर्सिटी से वकालत में मास्टर की।
3. राम जेठमलानी ने अपनी वकालत और प्रोफेसरी की शुरुआत देश के बंटवारे से पहले सिंध प्रांत में की थी. उन्होंने कराची में अपने मित्र एके ब्रोही के साथ मिलकर एक लॉ फर्म शुरू की. फरवरी 1948 में देश के बंटवारे के बाद कराची में दंगे भड़क गए थे. ऐसे में वह ब्रोही की सलाह पर भारत आ गए. उस समय वह जेब में सिर्फ एक पैसा डालकर भारत आए थे. इस पैसे के आधार पर वह कुछ दिनों तक यहां शरणार्थी शिविर में रहे थे।
4. जेठमलानी ने अपना पहला केस 17 साल की उम्र में सिंध की कोर्ट में लड़ा था. उन्होंने वकील बनने की न्यूनतम उम्र के नियम को चुनौती दी थी. भारत में उन्होंने पहला केस बॉम्बे रेफ्यूजी एक्ट के खिलाफ लड़ा था. उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में यह केस लड़ा था।
5. 1954 में वह मुंबई के सरकारी लॉ कॉलेज में पार्ट टाइम प्रोफेसर बने. वह कुल चार बार बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन रहे ।
6. 1977 और 1980 में आम चुनाव में वह जनता पार्टी और बीजेपी की टिकट पर मुंबई नॉर्थ वेस्ट सीट से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे. 1985 में उन्हें यहां कांग्रेस के सुनील दत्त ने हराया।
7. 1988 में वह राज्यसभा सदस्य बने. 1996 में वह अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कानून मंत्री बने. 1999 में वह फिर कानून मंत्री बने. 2004 में उन्होंने लखनऊ से अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लोकसभा चुनाव लड़ा. लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
8. 7 मई, 2010 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन का चेयरमैन नियुक्त किया गया. राम जेठमलानी सुप्रीम कोर्ट में सबसे ज्यादा फीस लेने वाले वकील थे।
9. जेठमलानी की ओर से लड़े गए कुछ बड़े केसों में से हवाला कांड में लालकृष्ण आडवाणी का बचाव, जेसिका लाल हत्याकांड में मनु शर्मा का बचाव, इंदिरा गांधी के हत्या के आरोपियों का बचाव, राजीव गांधी की हत्या के आरोपियों का बचाव, सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामले में अमित शाह का (गुजरात के पूर्व गृह राज्य मंत्री का) बचाव, 2 जी स्पेक्ट्रम मामले में कनिमोझी का बचाव, जग्गी हत्या के मामले में अमित जोगी (अजीत जोगी के बेटे) का बचाव वाले केस शामिल हैं।
10. जेठमलानी ने जोधपुर यौन शोषण मामले में आसाराम बापू के बचाव का केस भी लड़ा. भाकपा विधायक कृष्णा देसाई हत्याकांड में शिवसेना के बचाव का केस और अरुण जेटली द्वारा दायर मानहानि मामले में AAP सुप्रीमो व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बचाव का केस लड़ा।
डॉ लाल थदानी
पूर्व अध्यक्ष
राजस्थान सिंधी अकादमी, जयपुर ।

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