*🚩🙏🏻शीतला माता की जय🙏🏻🚩*
23 अगस्त थदड़ी पर्व मनाया
सिन्धी संस्कृति के अनुसार
अपने परिवार व संतान की
रक्षा व उन्नति के लिए
एक दिन पहले छटवीं तिथि में
भोजन बना कर रखा जाता है
और चूल्हे का पूजन करके दूसरे दिन सप्तमी पर चूल्हा नहीं जलाया जाता एवं शीतला माता का पूजन करके परिवार के लिए मंगल कामना की जाती है और पूरा दिन बासी भोजन खाया जाता है....
मेरा आप सभी से निवेदन है
इस पर्व को *(सिन्धी संस्कृति)* को जीवित रखते हुए
अपने बच्चों को भी शिक्षित करें
*पहिंजे परिवार सां गड्डजी करे*
*थदो भोजन मिठा लोला खाओ*
जहाँ नित्य प्रति हम गरमागरम और मनपसन्द व्यंजनों का आनंद लेते ही रहते हैं तो..
कृपया 365 दिनों में से यह 1 दिन
*शीतला माता* के नाम करें
और ठंडा भोजन खाएं
इस वर्ष यह पर्व 23 अगस्त को मनाया गया
अर्थात
*22 अगस्त गुरूवार* को
पकाया गया
और
*23अगस्त शूक्रवार* को
खाया गया...
*जय श्री झूलेलाल*
सिंधी त्योहार थदरी जी
तव्हां सभिनी खे
करोड़ करोड़ वाधायु
डॉ लाल थदानी
पूर्व अध्यक्ष
राजस्थान सिंधी अकादमी,
जयपुर ।


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