Friday, September 22, 2017

शहीद प्रेम रामचंदानी : डॉ लाल थदानी

आज के दिन 1965 के भारत-पाक युद्ध मे,
मां भारती के वीर सपूत ,फ्लाइंग आफीसर
प्रेम रामचंदानी को पाकिस्तान मे घुसकर बम        
        गिराने का आदेश मिला।  18 से 22 सितम्बर तक इस वीर फाइटर पाइलट ने  नौ बार  पाक। मे घुसकर सफलतापूर्वक मिशन को पूरा किया। दसवें हमले मे पाक गोलीबारी से उनके क्राफ्ट मे आग लग गई,जिसके चलते यह वीर सैनिक बुरी तरह से झुलस गया।डाक्टरों के प्रयत्नों के बावजूद यह वीर सैनिक चार दिन बाद 26 सित. 1965 को शहीद हो गए । अन्तिम क्षणों  मे इस वीर अमर सैनिक के शब्द थे " मुझे अफसोस है कि अपने देश पर निच्छावर करने के लिए मेरे पास केवल एक जान है " उनके ये शब्द सेना के प्रसिद्ध क्योटस्  (अनुसरणीय शब्दो) मे शामिल है । इस वीर सैनिक पर सभी भारतीयों को, विशेषकर सिंधियो को बहुत गर्व है । मेरा निवेदन है कि, 26सितम्बर को इस वीर के शहादत दिवस पर, विधार्थियों को इस शहीद की जानकारी अवश्य दे।
          डॉ लाल थदानी, पूर्व अध्यक्ष
     राजस्थान सिंन्धी अकादमी , जयपुर ।

अफ़सोस आहे त असांजो सिंधी समाजु
जाँबाज़ फ़्लाइंग आफ़ीसर प्रेम रामचंदाणी जी 1965 जी जंग में ॾिनल शहादत नथो याद करे. भारत-पाकिस्तान जंग में  हीउ जाँबाज़ु आफ़ीसर दुश्मन ते हवाई हमला करे 26-9-1965 ते  शहीद थ्यो हो. 1971 जी भारत-पाकिस्तान जी जंग में एडमीरल टहिल्याणी भारतीय नौसेना जे विक्रांत जो महानायक हुओ, उन खां पोइ सिक्किम जो गवर्नर पुणु थ्यो; जहिंखे बि असांजो समाजु विसारे वेठो आहे!
जेका बेशुकरी कौम  पंहिंजा हीरा, सूरवीर विसारींदी आहे, पहिन्जी ॿोलीअ में न
ॻाल्हाइंदी आहे, उहा धीरे धीरे गुम थी
वेंदी आहे. मुहिंजी सिंधी समाज खे अपील
आहे त कौम खे बचायो ऐं पाण खे, पहिंजी सुञाणप (identity) खे, बचायो.
जय सिन्धियत. जय झूलेलाल

वेन्ती कंदड़ु: विंग कमांडर नंदलाल जोतवाणी, भारतीय वायु सेना (अवकाशप्राप्त)

http://thesindhuworld.com/prem-ramchandani-dev/

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